मनेन्द्रगढ़:

मनेन्द्रगढ़ के मुख्य मार्केट के पास खड़ी ब्रेजा कार को आग लगाकर जलाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर नकाबपोश आरोपी की पहचान की गई। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 4:45 बजे मनेन्द्रगढ़ मुख्य मार्केट के पास खड़ी ब्रेजा कार क्रमांक CG16CF7658 में एक अज्ञात नकाबपोश व्यक्ति ने आग लगा दी थी। आगजनी की इस घटना में कार जल गई। वाहन मालिक रघुनाथ पोद्दार की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 242/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 326(f) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना मुख्य बाजार के पास होने के कारण क्षेत्र में इसकी काफी चर्चा रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला एमसीबी पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा के निर्देशन में कोतवाली थाना प्रभारी विवेक पाटले ने पुलिस टीम के साथ जांच शुरू की।

CCTV फुटेज से खुला मामला

पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के संभावित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। फुटेज के आधार पर संदेही की पहचान वार्ड क्रमांक 19, मनेन्द्रगढ़ निवासी नारायण अग्रवाल (62 वर्ष), पिता रामेश्वर अग्रवाल के रूप में की गई। पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों से पहचान की पुष्टि कराई।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ करने पर उसने पुरानी रंजिश के चलते कार में आग लगाने की बात स्वीकार की। घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल की पहचान कर उसे जब्त कर लिया गया। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

कोतवाली पुलिस की कार्रवाई की चर्चा

मुख्य बाजार में हुई आगजनी की घटना का खुलासा होने और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई की चर्चा हो रही है। मामले में पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

इनकी रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक पाटले, एएसआई रवि नंद कंवर, हेड कांस्टेबल नवीन, हेड कांस्टेबल राजकुमार एवं आरक्षक आजाद शामिल रहे।