एमसीबी : स्वच्छता ही सेवा जागरूकता कार्यक्रम संपन्न
सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्ति और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का लिया गया संकल्प
जिले में स्वच्छता और जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “स्वच्छता ही सेवा” जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के दिशा-निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी आर. के. खाती के मार्गदर्शन तथा मिशन वात्सल्य जिला बाल संरक्षण अधिकारी कोमल सिंह की देखरेख में आयोजित हुआ।
इस कार्यक्रम की शुरुआत 26 सितम्बर 2025 को नवापारा केंद्र आंगनबाड़ी पोड़ी, चिरमिरी में की गई। वहीं, 27 सितम्बर 2025 को बिहान कार्यालय चनवारीडाड़, मनेंद्रगढ़ (जिला-एमसीबी) में भी इसका आयोजन किया गया। दोनों ही स्थानों पर बड़ी संख्या में बच्चे, महिला समूह की सदस्याएँ तथा आमजन शामिल हुए और स्वच्छता का संकल्प लिया। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता बनाए रखने और प्लास्टिक प्रदूषण से बचने का संदेश दिया। सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्परिणामों को विस्तार से समझाया गया तथा कपड़े से बनी थैलियों के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया। लोगों से अपील की गई कि वे घर और आसपास की नियमित सफाई रखें, गली-रास्तों पर कचरा न फेंकें और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में सहयोग दें। बच्चों को भी स्वच्छता अपनाने की आदत डालने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम में गंदगी से होने वाली बीमारियों, जैसे डेंगू, मलेरिया, दस्त, टाइफाइड आदि पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि स्वच्छता अपनाने से इन बीमारियों से बचाव संभव है। इस अवसर पर सहभागी बच्चों ने भी स्वच्छता पर आधारित नारों और गीतों के माध्यम से संदेश दिया, जिससे उपस्थित लोगों में उत्साह और जागरूकता का संचार हुआ।
इन कार्यक्रमों में आउटरीच वर्कर ताज मोहम्मद, अनिकेत, सोशल वर्कर चुनमुनिया टोप्पो एवं पंकज पैंकरा ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने न केवल लोगों को जागरूक किया बल्कि उदाहरण प्रस्तुत करते हुए स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। जागरूकता अभियान का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि जिले का प्रत्येक नागरिक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखने में अपना योगदान देगा तथा “स्वच्छता ही सेवा” को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएगा।