गौरेला पेंड्रा मरवाही : दिव्यांगजनों, वृद्धजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को गतिमान बनाने की दिशा में किए जा रहे हैं निरंतर प्रयास

समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं से जिले में हर महीने लगभग 34 हजार हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 10738 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री पेंशन, 7562 हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा, 7410 हितग्राहियों को वृद्धावस्था पेंशन, 3512 हितग्राहियों को सुखद सहारा, 2720 हितग्राहियों को विधवा, और 1021 हितग्राहियों को दिव्यांगजन पेंशन योजना प्रदाय किया जा रहा है। जीवन निर्वाह से जुड़ी विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत वृद्धजन, दिव्यांगजन, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रति माह 500 से 650 रूपये पेंशन की राशि का भुगतान किया जा रहा है। इसके साथ ही विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों, वृद्धजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को गतिमान बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

     समाज कल्याण विभाग के जिला अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से अब तक 339 परिवार को राष्ट्रीय परिवार सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत 20-20 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की गयी है। 6527 दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड जनरेट किया गया है। 6664 दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। 1506 दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों को सहायक उपकरण प्रदान किया गया है। 20 दिव्यांगजनों को उच्च शिक्षा हेतु 6-6 हजार प्रोत्साहन राशि प्रदाय की गयी है। 775 दिव्यांग छात्र-छात्रओं को दिव्यांग छात्रवृत्ति प्रदान की गयी है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा में चयन उपरान्त 01 दिव्यांगजन को 30 हजार रूपये प्रदान किया गया है। दिव्यांगजनों और उनके एक रिश्तेदार को रेलगाड़ी और हवाई जहाज की यात्रा में 50 से 75 प्रतिशत तक छूट दी जाती है।

     समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण-बैटरी ट्रायसायकल, हस्त चलित ट्रायसायकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, वाकिंग स्टीक, वाकर, सी.पी. वेयर इत्यादि वितरण किया जाता है। दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र हितग्राही को 50 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदाय किया जाता है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत दिव्यांगजनों, वृद्धजनों, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को निःशुल्क तीर्थ यात्रा कराया जा रहा है। विभागीय योजना के तहत परिवार के मुखिया का आकस्मिक निधन होने पर 20 हजार रूपये की आर्थिक सहायता का भी प्रावधान है। विगत एक वर्ष से गोरखपुर गौरेला में वरदान नशामुक्ति एव पुनर्वास केन्द्र का संचालन किया जा रहा है, जहां नशा-पीड़ितों को आवास, भोजन, कपड़ा, ईलाज, मनोरंजन आदि निःशुल्क सुविधाएं प्रदान किया जा रहा है। इस केंद्र से लोग नशा मुक्त होकर अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन अच्छे से कर रहे हैं।