जगदलपुर :
भविष्य में जल संकट की चुनौती को ध्यान में रखते हुए पानी बचाओ अभियान में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से महिला जल वाहिनी की सदस्य महिलाएं गांव-गांव में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और पानी के समुचित उपयोग को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसी कड़ी में जिले के दरभा विकासखंड अंतर्गत तीरथगढ़ और बकावंड विकासखंड अंतर्गत धोबीगुड़ा के महिला जल वाहिनी की सदस्य महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों को पानी की महत्ता समझाते हुए उन्हें जल के संरक्षण और सदुपयोग के लिए प्रेरित कर रही हैं। वे घर-घर जाकर लोगों को यह बता रही हैं कि यदि आज पानी को बचाने के लिए प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही महिलाएं जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल व्यवस्था की निगरानी भी कर रही हैं। जल स्रोतों की साफ-सफाई, पाइपलाइन की स्थिति तथा जल की गुणवत्ता की जांच जैसे कार्यों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।
तीरथगढ़ महिला जल वाहिनी की अध्यक्ष सुषमा ठाकुर ने बताया कि महिला जल वाहिनी से जुड़ी महिलाएं लोगों को यह भी समझा रही हैं कि दैनिक जीवन में पानी का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए। छोटी-छोटी सावधानियां जैसे अनावश्यक पानी का बहाव रोकना, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना और जल स्रोतों की सुरक्षा करना भविष्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। वहीं धोबीगुड़ा महिला जल वाहिनी की अध्यक्ष चंद्रप्रभा सेठिया बताती हैं कि अब गांव में पानी के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की इस सक्रिय सहभागिता से पानी बचाओ अभियान को नई मजबूती मिल रही है। इस बारे में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की प्रचार-प्रसार समन्वयक ज्योत्सना सूना कहती हैं कि ग्रामीण इलाकों में महिला जल वाहिनी की यह पहल न केवल जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में महिलाओं की नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।