भोपाल:
विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस के अवसर पर गुरुवार को शासकीय मौलाना आज़ाद सेंट्रल लाइब्रेरी भोपाल में 250 नवीन साहित्यिक पुस्तकों की लॉन्चिंग की गई।
इस अवसर पर भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने पुस्तकालय का भ्रमण किया तथा पुस्तकालय की सदस्यता ग्रहण कर आम नागरिकों से भी जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने RFID तकनीक, सेल्फ इश्यू-रिटर्न कियोस्क एवं OPAC सिस्टम का अवलोकन किया।
कलेक्टर ने दिए प्रमुख निर्देश :
- ट्रेनिंग सेंटर डेवलप किया जाए— पुरानी पांडुलिपियों एवं गजेटियर को संरक्षित करने हेतु लाइब्रेरी में विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाए।
- सदस्य सहयोग बढ़ाया जाए — पुस्तकालय से सिलेक्ट हुए सदस्यों से कोऑर्डिनेशन कर पुस्तकालय के विकास में सहयोग का आग्रह किया जाए।
- RRRLF कोलकाता से जोड़ा जाए — राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन, कोलकाता से मिलने वाली योजनाओं से पुस्तकालय को जोड़ा जाए।
- रिसर्च प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन — INFLIBNET, शोधगंगा, गंगोत्री आदि प्लेटफॉर्म पर लाइब्रेरी का रजिस्ट्रेशन कराया जाए जिससे रिसर्च करने वाले छात्रों को डाटा मिल सके।
- तकनीकी उन्नयन — लाइब्रेरी को नए उपकरणों से विकसित किया जाए एवं आधुनिक सुविधाओं में वृद्धि की जाए।
पुस्तकालय की प्रमुख उपलब्धियाँ
- 117 वर्ष की धरोहर — वर्ष 1908 में स्थापित यह पुस्तकालय मध्यप्रदेश का सबसे पुराना एवं समृद्ध ज्ञान-केंद्र है जहाँ 1 लाख से अधिक दुर्लभ पुस्तकें एवं पांडुलिपियाँ संरक्षित हैं।
- डिजिटल मध्यप्रदेश की ओर कदम — प्रदेश की पहली RFID-युक्त शासकीय लाइब्रेरी जहाँ दुर्लभ ग्रंथों का डिजिटलीकरण युद्धस्तर पर जारी है।
- युवा-केंद्रित पहल — प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु समर्पित ‘स्टडी सर्किल’ एवं निःशुल्क वाई-फाई सुविधा के साथ यह लाइब्रेरी युवाओं के लिए ‘करियर हब’ बन रही है। इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी के साथ पुस्तकालय क्षेत्रीय ग्रंथपाल श्रीमती रत्ना वाधवानी मैनेजर रचित मालवीय एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।