रायपुर : राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं। पश्चिमी देशों में तनाव के चलते रासायनिक उर्वरकों की सप्लाई के प्रभाव से निपटने के लिए राज्य सरकार रणनीति बनाकर कार्य कर रही है। साथ ही ठोस डीएपी और यूनिया के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी-यूरिया के प्रति भी किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में मांग के विरूद्ध प्रर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध है। इसी कड़ी में बस्तर जिले में भी मांग का 64 प्रतिशत उर्वरक उपलब्ध है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में खरीफ 2026 हेतु उर्वरक भंडारण एवं वितरण का कुल लक्ष्य 46,050 मीट्रिक टन निर्धारित है, जिसके विरुद्ध वर्तमान में सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के पास 18,341 मीट्रिक टन तथा मार्कफेड एवं थोक विक्रेताओं के पास 11,378 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। इस प्रकार जिले में कुल 29,719 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 64 प्रतिशत है।
जिला प्रशासन बस्तर के कृषि अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 13,883 मीट्रिक टन वितरण लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 4,453 मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है, जो लगभग 32 प्रतिशत है। शासन के निर्देशानुसार उर्वरकों का नियमित वितरण किया जा रहा है। वर्तमान में सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के पास 6,549 मीट्रिक टन यूरिया, 3,021 मीट्रिक टन डीएपी, 1,154 मीट्रिक टन एमओपी तथा 2,489 मीट्रिक टन एनपीके/एनपीकेएस सहित कुल 13,888 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। कृषि विभाग ने कहा है कि जिले में किसानों की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।