रायपुर :

कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर प्रदेश के किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ने के साथ ही पर्यावरण का संरक्षण में भी हो रहा है। कांकेर जिले के चारामा विकासखंड के ग्राम तेलगरा के किसान बाबूलाल साहू ने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल किया है।

बाबूलाल साहू के पास लगभग 7 एकड़ कृषि भूमि है, जहां वे वर्षों से धान की खेती करते आ रहे हैं। वे पहले पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों जैसे यूरिया और डीएपी का उपयोग करते थे। पिछले एक वर्ष से उन्होंने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग शुरू किया, जिसके सकारात्मक परिणाम उन्हें देखने को मिले। उन्होंने बताया कि पहले उनकी फसल का औसत उत्पादन लगभग 18 क्विंटल प्रति एकड़ था, जबकि नैनो उर्वरकों के संतुलित उपयोग के बाद उत्पादन बढ़कर लगभग 20 क्विंटल प्रति एकड़ हो गया है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उर्वरकों की आवश्यकता भी कम हुई है।

साहू ने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल उत्पादन में वृद्धि हुई है तथा मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। कम मात्रा में अधिक प्रभाव देने वाले ये उर्वरक किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने अन्य किसानों को भी नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग की सलाह दी है।