गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : जिला प्रशासन एवं बनमनई इकोकेयर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मड हाउस ठाड़पथरा में दो दिवसीय एवं एक रात्रि मानसून ट्रैक का सफल आयोजन किया गया। राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए ठाड़पथरा की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और स्थानीय लोक संस्कृति का अनुभव लिया। आयोजन के शुभारंभ पर स्थानीय पर्यटन समिति के सदस्यों ने प्रतिभागियों का पारंपरिक रूप से पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद ‘मदर ट्री बायोडायवर्सिटी ट्रैक’ के माध्यम से प्रतिभागियों ने क्षेत्र की वन संपदा एवं जैव विविधता का अवलोकन किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता के संरक्षण के महत्व पर चर्चा की गई। शाम के सत्र में पर्यटन समिति के सदस्यों और प्रतिभागियों के बीच संवाद हुआ तथा स्थानीय लोककथाओं से परिचय कराया गया। प्रतिभागियों ने स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लिया।
       दूसरे दिन मड हाउस से ‘माई के मंडप’ तक पैदल ट्रैक का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने अमरावती गंगा नदी को पार करते हुए कमरा पथरा की दुर्गम चढ़ाई पूरी की। यहां से ठाड़पथरा ग्राम का मनोरम दृश्य देखकर प्रतिभागी रोमांचित और उत्साहित हुए। रिमझिम बारिश के बीच सुहाने मौसम का आनंद लेते हुए सभी ने सफलतापूर्वक ट्रैक पूरा किया। समापन पर माई के मंडप पर्यटन समिति की कैंटीन में प्रतिभागियों को स्थानीय पारंपरिक नाश्ता परोसा गया।इस आयोजन से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और लोक संस्कृति से जोड़ने का अवसर मिला। जिला प्रशासन एवं बनमनई इकोकेयर फाउंडेशन का यह संयुक्त प्रयास ठाड़पथरा को प्रकृति एवं साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।