- छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने भी की है दीदी की तारीफ
गौरेला पेंड्रा मरवाही, 27 मई 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर बांस से निर्मित कलात्मक सजावटी सामग्री और जैविक सब्जी बाड़ी व्यवसाय से गीता परस्ते लखपति दीदी बन गई हैं। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा पिछले माह जिला प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में लखपति दीदी गीता एवं उनके समूह द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में राज्यपाल को बांस से निर्मित सजावटी आवास भेंट किया गया। सुंदर और कलात्मक सजावटी आवास भेंट करने पर राज्यपाल ने उनकी तारीफ की।
गौरेला ब्लाक की ग्राम नेवसा की श्रीमती गीता परस्ते ने बताया कि वे कि वर्ष 2019 में आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित मां शारदा स्वसहायता समूह में जुड़कर प्रति सप्ताह 10 रुपये बचत कर माह में 40 रुपये बचत किया। उन्हें गांव की सक्रिय महिला, पेशेवर संसाधन व्यक्ति (पीआरपी) एवं वित्तीय साक्षरता सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (एफएलसीआरपी) दीदी ने बताया कि आप के घर में बांस से घरेलु उपयोग हेतु विभिन्न तरह के सामग्री बनाने का कार्य होता है, यदि आप बांस के कलात्मक एवं सजावटी सामग्री का निर्माण करेंगें तो कम मेहनत में अच्छे रेट मिलेंगे और आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
गीता परस्ते ने उनकी सलाह पर समूह को प्रदाय 15 हजार रूपए चक्रीय निधि (आरएफ) और 60 हजार रूपए सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) राशि में से समूह से चक्रीय राशि से 5 हजार रूपए एवं सीआईएफ राशि से 10 हजार रूपए व्यक्तिगत लोन लेकर बांस से निर्मित सामग्रियों का व्यवसाय को आगे बढाया। इसके साथ ही गीता ने संवहनीय कृषि योजना के तहत प्रशिक्षण लेकर जैविक सब्जी बाडी का कार्य भी शुरू किया। गीता परस्ते बांस से कलात्मक सजावटी सामग्री जैसे-मकान, मंदिर, नाव, पैरदान, दीवाल सीनरी, गुलदस्ता आदि का निर्माण कर स्थानीय हाट बाजार, सरसमेला आदि में बिक्री कर सिर्फ बांस की समाग्री से हर महीने लगभग 10 हजार रुपए और सब्जी बाड़ी से भी 10 हजार रूपए की कमाई कर लेती हैं। इस तरह से गीता परस्ते की वार्षिक आय लगभग 2 लाख 40 हजार रूपए हो जाती है और वे आजीविका मिशन योजना के लाभ से लखपति दीदी बन गई है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को धन्यवाद दिया है। गीता परस्ते ने यह भी बताया कि उनकी समूह को बांस से सोफा आदि बनाने हेतु भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए आर्डर मिलने पर समूह द्वारा बांस का सोफा और अन्य सामग्री भी तैयार कराई जायेगी।