महेन्द्र शुक्ला :

मनेंद्रगढ़,,,स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर मनेंद्रगढ़ में बच्चों के सर्वांगीण विकास को समर्पित एक विशेष बाल शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बड़े ही उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी आंतरिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
​शिविर के समापन के अवसर पर बच्चों के भीतर आए सकारात्मक बदलाव को रेखांकित करते हुए विद्यालय प्रशासन ने कहा कि, “नन्हे कदमों ने योग से स्वास्थ्य सीखा और क्राफ्ट से रचनात्मकता का सुंदर संसार जाना।”
​योग से निरोग रहने का संकल्प
​शिविर के दौरान प्रतिदिन सुबह के सत्र में बच्चों को योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया गया। खेल-खेल में सिखाए गए इन योगासनों के माध्यम से बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के मूल मंत्र दिए गए। नन्हे बच्चों ने जिस एकाग्रता और ऊर्जा के साथ योग की विभिन्न मुद्राओं को सीखा, वह अत्यंत सराहनीय रहा।
​क्राफ्ट से बिखरे रचनात्मकता के रंग
​शारीरिक विकास के साथ-साथ बच्चों की मानसिक सोच को नया आयाम देने के लिए विशेष ‘क्राफ्ट और आर्ट’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने अनुपयोगी और साधारण चीजों से सुंदर कलाकृतियां, ग्रीटिंग कार्ड और खिलौने बनाना सीखा। कागजों और रंगों के माध्यम से बच्चों ने अपनी कल्पनाओं को धरातल पर उतारा और रचनात्मकता का एक सुंदर संसार रचा।
​संस्कार और शिक्षा का अनूठा संगम
​विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि सरस्वती शिशु मंदिर हमेशा से शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में उच्च संस्कारों और जीवन कौशलों के बीजारोपण के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इस तरह के शिविर बच्चों के भीतर छिपी बहुमुखी प्रतिभा को निखारने का काम करते हैं।
​शिविर के सफल आयोजन पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रबंध समिति और अभिभावकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।