उत्तर बस्तर कांकेर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उनके जीवन में स्थायी राहत पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना जरूरतमंद महिलाओं के लिए निरंतर सहारा बन रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता से जिले के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है।
इसी क्रम में कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के सुदूर अंचल के ग्राम तुरसानी निवासी 70 वर्षीय हिरो बाई गावड़े भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं। हिरो बाई अपने घर पर अकेली रहती हैं। उम्र बढ़ने के साथ रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना उनके लिए आसान नहीं है। ऐसे समय में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि उनके लिए आर्थिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है। योजना की सहायता से वे अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं को पूरा कर बिना किसी पर पूरी तरह निर्भर हुए अपना दैनिक जीवन सुचारू रूप से चला पा रही हैं।
हिरो बाई बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपनी जरूरत के अनुसार तेल, साबुन, सब्जी, दवाइयां और अन्य आवश्यक घरेलू सामान खरीदने में करती हैं। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि अपने जीवन की जरूरी चीजों को समय पर जुटाने का एक महत्वपूर्ण सहारा है। उम्रदराज होने के कारण जब कभी दवाइयों या घरेलू उपयोग की वस्तुओं की आवश्यकता होती है, तब योजना की राशि उनके काफी काम आती है। वे कहती हैं कि पहले रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी चिंता रहती थी, लेकिन अब योजना से मिलने वाली सहायता से उन्हें काफी राहत महसूस होती है। अपनी आवश्यकताओं के लिए कुछ आर्थिक सहयोग मिलने से उनके मन में आत्मविश्वास भी बढ़ा है। शासन की इस पहल ने उनके जीवन में आर्थिक सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है।
दूरस्थ अंचल में रहने वाली हिरो बाई के जीवन में महतारी वंदन योजना की यह सहायता इस बात का उदाहरण है कि शासन की योजनाएं जब अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो उनका प्रभाव सीधे लोगों के जीवन में दिखाई देता है। योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित सहायता ग्रामीण एवं जरूरतमंद महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता का एहसास भी करा रही है। महतारी वंदन योजना से मिल रही सहायता के लिए हिरो बाई ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। अपनी स्थानीय गोंडी बोली में मुख्यमंत्री को आत्मीयता से “विष्णु दादा” कहकर धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए बहुत उपयोगी है। उनके चेहरे पर दिखाई देने वाली संतुष्टि और आत्मविश्वास इस बात की झलक देता है कि शासन की संवेदनशील पहल जरूरतमंद महिलाओं के जीवन में किस तरह सकारात्मक बदलाव ला रही है।